भारत में हाईवे और एक्सप्रेसवे पर टोल प्लाजा का निर्माण सरकार और निजी कंपनियों द्वारा किया जाता है ताकि सड़क निर्माण और रखरखाव की लागत वसूली जा सके। हाल ही में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने संसद में बताया कि पिछले 5 सालों में देशभर के सभी टोल प्लाजा से 1.93 लाख करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है।
भारत में टोल प्लाजा की कमाई को लेकर एक सरकारी रिपोर्ट सामने आई है। सबसे ज्यादा कमाई करने वाला पहला टोल प्लाजा गुजरात का है। आपको बता दें कि टॉप 10 में दो टोल प्लाजा गुजरात के हैं।
सबसे ज्यादा कमाई करने वाले टोल प्लाजा
भारत में टॉप 10 टोल प्लाजा की कुल टोल कलेक्शन 13,988.51 करोड़ रुपये रही, जो देश के कुल टोल संग्रह का 7% से अधिक है।
रैंक | टोल प्लाजा | स्थान (राज्य) | हाईवे नंबर | 5 वर्षों की टोल कमाई (करोड़ रुपये में) |
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1 | भरथाना टोल प्लाजा | वडोदरा-भरूच, गुजरात | NH-48 | 2,043.81 |
2 | शाहजहाँपुर टोल प्लाजा | गुड़गांव-कोटपुतली-जयपुर, राजस्थान | NH-48 | 1,884.46 |
3 | जलधुलागोरी टोल प्लाजा | पश्चिम बंगाल | NH-16 | 1,538.91 |
4 | बाराजोधा टोल प्लाजा | उत्तर प्रदेश | NH-19 | 1,480.75 |
5 | चौरासी टोल प्लाजा | गुजरात | NH-48 | 1,385.99 |
6 | दौसा टोल प्लाजा | राजस्थान | NH-21 | 1,367.25 |
7 | गोरहर टोल प्लाजा | बिहार | NH-19 | 1,210.60 |
8 | कुरुक्षेत्र टोल प्लाजा | हरियाणा | NH-44 | 1,195.32 |
9 | विजय मंगलम टोल प्लाजा | तमिलनाडु | NH-544 | 1,123.49 |
10 | नूनसराय टोल प्लाजा | उत्तर प्रदेश | NH-31 | 1,048.93 |
राज्यवार टोल कलेक्शन रिपोर्ट
यदि राज्यवार देखा जाए तो गुजरात, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक राजस्व अर्जित करने वाले टोल प्लाजा स्थित हैं।
- गुजरात: भरथाना और चौरासी टोल प्लाजा (2 टोल प्लाजा)
- राजस्थान: शाहजहाँपुर और दौसा (2 टोल प्लाजा)
- उत्तर प्रदेश: बाराजोधा और नूनसराय (2 टोल प्लाजा)
- हरियाणा, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और बिहार में 1-1 टोल प्लाजा टॉप 10 लिस्ट में शामिल हैं।
टोल प्लाजा से होने वाली कुल आय
- 2019-20: ₹32,825 करोड़
- 2020-21: ₹34,551 करोड़
- 2021-22: ₹41,342 करोड़
- 2022-23: ₹45,000 करोड़
- 2023-24: ₹50,000 करोड़+ (अनुमानित)
➡️ कुल संग्रह: ₹1,93,000 करोड़+ (पिछले 5 वर्षों में)
भविष्य में टोल प्लाजा का डिजिटलाइजेशन
सरकार ने टोल प्लाजा की आय बढ़ाने और ट्रैफिक को सुचारू बनाने के लिए FASTag प्रणाली को अनिवार्य कर दिया है। इसके कारण कैश ट्रांजेक्शन में कमी आई है और टोल संग्रह में वृद्धि हुई है।
सरकार भविष्य में GPS आधारित टोल सिस्टम लाने की योजना बना रही है, जिससे टोल शुल्क केवल उपयोग की गई दूरी के आधार पर वसूला जाएगा।
निष्कर्ष
भारत में टोल प्लाजा से हर साल हजारों करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होता है, जो हाईवे निर्माण और रखरखाव के लिए महत्वपूर्ण है। गुजरात के भरथाना टोल प्लाजा ने सबसे ज्यादा टोल कमाई की है, जबकि राजस्थान और उत्तर प्रदेश के टोल प्लाजा भी शीर्ष स्थान पर हैं।
सरकार FASTag और GPS टोलिंग जैसी तकनीकों के माध्यम से टोल वसूली को अधिक पारदर्शी और कुशल बनाने की योजना बना रही है, जिससे भविष्य में सड़क यात्राएं और अधिक सुगम होंगी।
(ये आर्टिकल में सामान्य जानकारी आपको दी गई है अगर आपको किसी भी उपाय को apply करना है तो कृपया Expert की सलाह अवश्य लें) RRR
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